Diet Coke का ‘ड्राई डे’! Gen Z का फेवरेट कैन शेल्फ से गायब, जल्द हो सकती है महंगी
बड़े शहरों में डाइट कोक की किल्लत: मिडिल ईस्ट संकट से सप्लाई पर असर
देश के बड़े शहरों में Diet Coke की अचानक कमी देखने को मिल रही है। मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, अहमदाबाद और दिल्ली-एनसीआर जैसे शहरों में यह ड्रिंक दुकानों और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से तेजी से गायब हो रही है। खासतौर पर Gen Z और मिलेनियल्स के बीच इसे लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
इस किल्लत के पीछे सबसे बड़ी वजह Middle East Crisis को माना जा रहा है। गल्फ क्षेत्र दुनिया के कुल एल्युमीनियम उत्पादन का लगभग 9 प्रतिशत हिस्सा देता है। मौजूदा तनाव के कारण एल्युमीनियम की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे इसकी कीमतें बढ़कर करीब 3.45 लाख रुपये प्रति टन तक पहुंच गई हैं।
भारत में डाइट कोक मुख्य रूप से एल्युमीनियम कैन में बिकती है, इसलिए कच्चे माल की कीमत बढ़ने का सीधा असर इसकी उपलब्धता और लागत पर पड़ा है। स्थिति को और मुश्किल बनाते हुए, देश की स्थानीय फैक्ट्रियां भी मांग के मुकाबले करीब 20 प्रतिशत कम कैन का उत्पादन कर पा रही हैं।
कंपनियों को अब विदेशों से महंगे दामों पर कैन मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे कुल लागत में 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। वहीं, भीषण गर्मी के चलते डिमांड में अचानक आई तेजी ने सप्लाई पर और दबाव बढ़ा दिया है।
इन सभी कारणों को देखते हुए आने वाले दिनों में डाइट कोक की कीमत बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। फिलहाल, उपभोक्ताओं को इसे खरीदने के लिए ज्यादा तलाश करनी पड़ रही है और कई जगह स्टॉक जल्दी खत्म हो रहा है।

