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पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल का हुआ उल्लंघन? आरोपों पर CM ममता बनर्जी ने रखा अपना पक्ष

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की नाराजगी और सीएम ममता बनर्जी के स्पष्टीकरण से सियासी पारा चढ़ गया है. राष्ट्रपति ने दार्जिलिंग में कार्यक्रम स्थल बदलने और मंत्रियों की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए. ममता ने जवाब में कहा कि यह निजी कार्यक्रम था और प्रोटोकॉल का पालन जिला प्रशासन ने किया.

 

पश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीनों के भीतर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. हालांकि चुनावों से पहले ही यहां सियासी पारा हाई है. सूबे की सीएम ममता बनर्जी केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, तो वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बंगाल में कार्यक्रम की जगह बदले जाने पर शनिवार को नाराजगी जताई है. राष्ट्रपति की नाराजगी के बाद सीएम ममता का स्पष्टीकरण भी सामने आया है.

दरअसल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हाल ही में पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग इलाके में एक कार्यक्रम में शामिल होने गई थी. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की लोकेशन अचानक बदल दी गई. इसके साथ ही राज्य सरकार का कोई मंत्री या मुख्यमंत्री राष्ट्रपति के कार्यक्रम में मौजूद नहीं था. इस पर प्रेसिडेंट ने नाराजगी जाहिर की है.

राष्ट्रपति ने कार्यक्रम के दौरान ही कहा- मुझे लगता है बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहतीं है. ममता बनर्जी मेरी छोटी बहन जैसी हैं. मैं भी बंगाल की बेटी हूं. नॉर्थ बंगाल दौरे पर न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई राज्य मंत्री उन्हें रिसीव करने आया, मुझे नहीं पता कि ममता मुझसे नाराज हैं या नहीं.

राष्ट्रपति के बयान के बाद सीएम का जवाब

ममता बनर्जी ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कार्यक्रम सरकार का नहीं बल्कि एक निजी संगठन द्वारा आयोजित था. राष्ट्रपति को इंटरनेशनल संथाल काउंसिल ने आदिवासी सम्मेलन में बुलाया था. राष्ट्रपति को रिसीव और विदा करने के लिए जो आधिकारिक लाइनअप तय किया गया था, उसमें न तो मुख्यमंत्री और न ही उनके मंत्री शामिल थे.

क्यों बदला गया कार्यक्रम स्थल?

ममता बनर्जी ने बताया कि सिलीगुड़ी जिला प्रशासन ने पहले ही राष्ट्रपति सचिवालय को बता दिया था कि कार्यक्रम स्थल पर ठीक से तैयारियां नहीं हैं. राष्ट्रपति की एडवांस टीम ने भी जगह का दौरा किया था और उन्हें स्थिति के बारे में बताया गया था. इसके बावजूद कार्यक्रम तय समय पर हुआ.

बार-बार कार्यक्रम में शामिल होना संभव नहीं- सीएम

ममता बनर्जी ने ये भी बताया कि सिलीगुड़ी के मेयर और दार्जिलिंग के जिलाधिकारी, सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर ने प्रोटोकॉल के अनुसार रिसीव और विदा किया था. उन्होंने ही राष्ट्रपति को रिसीव किया है. पश्चिम बंगाल की CM लाइनअप या मंच प्लान का हिस्सा नहीं थीं. डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से कोई प्रोटोकॉल में चूक नहीं हुई.

ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि अगर राष्ट्रपति साल में एक बार आएं तो स्वागत है, लेकिन अगर चुनाव के समय बार-बार दौरे हों तो हर कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए संभव नहीं है.

ममता ने क्या लगाया आरोप?

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि BJP की सलाह पर प्रेसिडेंट का इस्तेमाल करके राजनीति की जा रही है. बंगाल की CM ने कोलकाता में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे यह कहते हुए भी शर्म आ रही है. हम माननीय प्रेसिडेंट का सम्मान करते हैं. लेकिन, उन्हें भी पॉलिटिक्स बेचने के लिए भेजा गया है. मुझे माफ़ करना, मैडम, मैं आपका बहुत सम्मान करती हूं, लेकिन आप BJP की पॉलिसी और BJP के निर्देशों से गाइड हो रही हैं.

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