मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच खाड़ी देशों में फंसे लाखों भारतीय, IMA ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर कई खाड़ी देशों पर पड़ रहा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के लगभग 96 लाख नागरिक पश्चिम एशिया में रहते हैं. इनमें से करीब 40 लाख भारतीय यूएई में ही बसे हुए हैं. भारतीय बड़ी संख्या में सऊदी अरब, कतर, ओमान और कुवैत जैसे देशों में भी काम करते हैं.
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर कई खाड़ी देशों पर पड़ रहा है. कुवैत, ओमान, सऊदी अरब, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में हालात प्रभावित हुए हैं. इन देशों में लाखों भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं. जिनमें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के कुछ सदस्य भी शामिल हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के लगभग 96 लाख नागरिक पश्चिम एशिया में रहते हैं, जो जारी सैन्य टकराव के चलते किसी न किसी रूप में प्रभावित हुए हैं.
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कहा है कि वह इस कठिन समय में प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है. जरूरतमंद लोग संबंधित देशों में भारतीय दूतावास द्वारा जारी इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, IMA के सदस्य सहायता के लिए ऑनरेरी फाइनेंस सेक्रेट्री डॉ. पीयूष जैन से भी संपर्क कर सकते हैं. IMA ने सभी से अपील की है कि शांत रहें और इस संदेश को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं, ताकि जरूरतमंदों को समय पर मदद मिल सके.
भारतीय दूतावास के आपातकालीन संपर्क नंबर हैं:
- कुवैत- फोन: +965-65501946
- ओमान- फोन: +968-98282270, 80071234 (टोल फ्री)
- सऊदी अरब-फोन: 00-966-11-4884697, 00-966-542126748, 8002471234 (टोल फ्री, केवल व्हाट्सऐप)
- बहरीन-फोन: 00973-39418071
- संयुक्त अरब अमीरात-फोन: 800-46342 (टोल फ्री), +971543090571
भारत के करीब 96 लाख नागरिक पश्चिम एशिया में प्रभावित
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर फिलहाल भारतीय नागरिकों पर भी साफ दिखने लगा है. भारत के लगभग 96 लाख नागरिक पश्चिम एशिया में रहते हैं, जो जारी सैन्य टकराव के चलते किसी न किसी रूप में प्रभावित हुए हैं. इनमें बड़ी संख्या में छात्र, यात्री और खाड़ी देशों में काम करने वाले माइग्रेंट्स शामिल हैं. मौजूदा स्थिति को देखते हुए सबसे ज्यादा छात्रों की हालत खराब है. वो हर वक्त दहशत में जी रहे हैं. भारत में उनके परिजन भी इसी बात से परेशान हैं.
भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता
इनमें से करीब 40 लाख भारतीय यूएई में ही बसे हुए हैं. भारतीय बड़ी संख्या में सऊदी अरब, कतर, ओमान और कुवैत जैसे देशों में भी काम करते हैं. मौजूदा संकट के चलते इन देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. हालांकि भारत सरकार इन देशों के अधिकारियों के संपर्क में है. उन्होंने भारतीयों को भरोसा दिलाया है कि हालात बेहतर होते ही उन्हें वहां से निकाल लिया जाएगा.

