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मैं कभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होता… PM मोदी ने बताई इसके पीछे की वजह

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि हमेशा बेहतर करने की इच्छा रहती है. उन्होंने भारत की बढ़ती वैश्विक भागीदारी और 38 देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) को मजबूत अर्थव्यवस्था का प्रमाण बताया.

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार(15 फरवरी) को कहा कि वह अपने स्वभाव से कभी भी पूरी तरह से संतुष्ट नहीं होते हैं. उनका मानना है कि जब भी आप सार्वजनिक जीवन में रहते हैं तो आपके अंदर के सकारात्मक बेचैनी बनी रहती है. ये बहुत जरूरी होती है. इसी की वजह से लगातार और बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलती है, जो आपको हमेशा प्रेरित करती रहती है.

PTI को दिए एक इंटरव्यू में मोदी ने कहा कि देश और जनता के लिए हमेशा कुछ और बेहतर करने की इच्छा बनी रहती है. जब उनसे पूछा गया कि क्या रिफॉर्म एक्सप्रेस के तहत हो रहे बदलावों से वह संतुष्ट हैं? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि वह इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और हो भी नहीं सकते हैं. क्योंकि उनका स्वभाव ही ऐसा है कि वे लगातार आगे बढ़ने और सुधार करने के बारे में सोचते रहते हैं.

हालांकि रिफॉर्म एक्सप्रेस को लेकर पीएम मोदी ने यह भी कहा कि अब तक जो प्रगति और विकास के काम हुए हैं. उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि सुधार (रिफॉर्म) उनकी सरकार की प्रतिबद्धता है और इसे उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ लागू किया है. इसी को लेकर सरकार काम कर रही है.

दिशा एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है- पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने छोटे-मोटे बदलावों से आगे बढ़कर व्यवस्था में बड़े और बुनियादी बदलाव किए हैं. उन्हें इस बात पर गर्व है कि देश अब धीरे-धीरे सुधारों के जरिए एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है.

तेजी से बढ़ रही भारत की वैश्विक भागीदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत की वैश्विक भागीदारी तेजी से बढ़ी है. हाल के व्यापार समझौते अचानक नहीं हुए, बल्कि यह मजबूत होती घरेलू अर्थव्यवस्था, प्रतिस्पर्धी उद्योग और आत्मविश्वास भरे रवैये का नतीजा हैं. उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय भी व्यापार समझौते की कोशिशें की गईं थीं. हालांकि लंबे समय की चर्चा के बावजूद ठोस नतीजे नहीं निकल पाए थे.

मौजूदा सरकार के आने के बाद नीतिगत सुधारों, राजनीतिक स्थिरता और स्पष्ट नीतियों पर जोर दिया गया. इससे अर्थव्यवस्था मजबूत हुई और दुनिया का भरोसा बढ़ा. निवेश बढ़ा और भारत एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभरा है.

38 देशों के साथ अब तक फ्री ट्रेड डील- पीएम

प्रधानमंत्री ने बताया कि यूरोपीय संघ के साथ समझौते पर पहले भी चर्चा हुई थी, लेकिन अंतिम और दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद समझौता अब जाकर हुआ है. पिछले कुछ सालों में भारत ने 38 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किए हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. ये समझौते अलग-अलग महाद्वीपों और विभिन्न आर्थिक ताकत वाले देशों के साथ हैं, जिससे भारतीय कंपनियों को कई बड़े बाजारों में पहुंच मिली है.

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