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मायावती के कार्यक्रम में लाइट से निकला धुआं, बीच में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर चली गईं

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक एक लाइट से धुआं निकलने लगा, जिससे कार्यक्रम बीच में रोकना पड़ा। इससे पहले अपने जन्मदिन पर आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने गठबंधन पर साफ कहा कि भरोसे के बिना किसी दल से गठबंधन नहीं होगा।

 

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक लाइट से धुआं निकलने लगा, जिसके बाद लाइट को बंद कर दिया गया। इस वजह से मायावती को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच में ही छोड़नी पड़ी और वे चली गईं। यह घटना उनके जन्मदिन के मौके पर हो रही थी, जब वे पार्टी की उपलब्धियों और गठबंधन के बारे में बात कर रही थीं। मायावती ने कॉन्फ्रेंस में गठबंधन को लेकर साफ-साफ कहा कि जब बसपा को भरोसा होगा कि गठबंधन करने वाली पार्टी अपना वोट बसपा को ट्रांसफर कराएगी तब गठबंधन के बारे में सोचेंगे ,अभी इसमें बहुत टाइम लगेगा। मायावती ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात पर जोर दिया कि अभी गठबंधन की कोई जल्दबाजी नहीं है और इसके लिए सही समय का इंतजार किया जाएगा।

अपने जन्मदिन के मौके पर क्या बोलीं मायावती?

मायावती ने अपने जन्मदिन पर बात करते हुए कहा, ‘नव वर्ष के पहले महीने में ही आज के दिन पूरे देशभर में BSP के लोग मेरा जन्मदिन पार्टी व मूवमेंट के हित में इसे जनकल्याणकारी दिवस के रूप में बहुत सादगी के साथ मनाते हैं। इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ लोग आमजन से जुड़ी उन जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताते हैं, जिन्हें उत्तर प्रदेश में BSP की 4 बार मेरे नेतृत्व में रही सरकार में शुरू किया गया था। हमने उन्हें जमीनी हकीकत में लागू करके दिखाया था, जिससे उत्तर प्रदेश में गरीबों, मजदूरों, बेरोजगारों, किसानों, व्यापारियों, युवाओं, महिलाओं व अन्य मेहनतकश लोगों के साथ-साथ यहां दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोगों की भी स्थिति में काफी सुधार आया।’

‘सरकार बनी तो ब्राह्मणों को पूरा सम्मान मिलेगा’

मायावती ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी BSP के मूवमेंट को देश में रोकने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाती रहती हैं। उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान ब्राह्मण विधायकों की मीटिंग का जिक्र करते हुए कहा कि ब्राह्मणों ने अपनी चिंताओं पर स्वाभाविक रूप से चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि BSP ने हमेशा ब्राह्मणों को उचित सम्मान दिया है और ब्राह्मणों को किसी की चाटुकारिता या बहकावे की जरूरत नहीं है। मायावती ने ब्राह्मणों से अपील की कि वे BJP, सपा या कांग्रेस के बहकावे में न आएं। मायावती ने आश्वासन दिया कि यदि BSP की सरकार बनी तो ब्राह्मणों को पूरा सम्मान मिलेगा, साथ ही क्षत्रियों, जाट समाज, दलितों और अल्पसंख्यकों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

‘सपा के शासन में गुंडागर्दी चरम पर रहती थी’

मायावती ने कहा कि BSP की सरकार में कभी मंदिर, मस्जिद या चर्च नहीं तोड़ा गया। सपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सपा के शासन में गुंडागर्दी चरम पर रहती थी, उनके ऊपर स्टेट गेस्ट हाउस में हमला हुआ और दलितों पर अत्याचार हुए। वहीं, उन्होंने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि आम जनता खासकर दलित बहुत परेशान हैं, कानून-व्यवस्था बिगड़ी हुई है और जनता BSP सरकार चाहती है। मायावती ने EVM में धांधली का आरोप लगाते हुए मांग की कि बैलेट पेपर से चुनाव हों। उन्होंने देश में चल रहे SIR के काम में भी गड़बड़ियों की शिकायतों का जिक्र किया।

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