Chhattisgarh News: सीएम विष्णु देव साय का संवेदनशील कदम, हेल्पलाइन नंबर 181 से महिलाओं को मिलेगी कानूनी मदद
Chhattisgarh News: संकट में फंसी महिलाओं की मदद के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित आपातकालीन सेवा हेल्पलाइन नंबर 181 सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे काम कर रही है।
Chhattisgarh News रायपुर। संकट में फंसी महिलाओं की मदद के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित आपातकालीन सेवा हेल्पलाइन नंबर 181 सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे काम कर रही है। जिस पर कोई भी महिला, जो किसी भी तरह के शारीरिक, मानसिक या यौन उत्पीड़न की शिकार है, कॉल कर सकती है। महिला हेल्पलाइन पीड़ित महिला की शिकायत सुनती है और मामले का तर्कसंगत समाधान निकालने की कोशिश करती है। इसके लिए वह राज्य के सभी जिलों के सखी वन स्टॉप सेंटर, संबंधित पुलिस स्टेशन और आपातकालीन स्थिति में 112 से समन्वय करती है।
बहरहाल, इन मामलों में घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, टोनही प्रताड़ना कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न, साइबर अपराध, दहेज उत्पीड़न और अन्य सभी अपराध शामिल हैं, जिनमें महिला को शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। सबसे पहले जब पीड़िता कॉल करती है तो उसकी समस्या को सुनकर समझा जाता है। पीड़िता की समस्या को समझने के बाद उसे समस्या के समाधान के लिए उपयुक्त विकल्पों से अवगत कराया जाता है।
पीड़िता की सहमति से सर्वोत्तम विकल्प का चयन करने के पश्चात प्रकरण को आगे की कार्यवाही हेतु सखी वन स्टॉप सेंटर को भेजा जाता है। आपातकालीन स्थिति में पीड़िता को 112/संबंधित थाने के माध्यम से पुलिस सहायता उपलब्ध कराकर प्रकरण को सखी वन स्टॉप सेंटर को भेजा जाता है, जहां से पीड़िता की समस्या का यथासंभव समाधान किया जाता है। बचाव मामलों में, पीड़िता के बचाव का निर्णय 112/संबंधित पुलिस थाने के माध्यम से किया जाता है, तथा सखी वन स्टॉप सेंटर के समन्वय से पीड़िता की चिकित्सा जांच, आश्रय एवं पुनर्वास की व्यवस्था की जाती है।
पीड़िता का नाम गोपनीय रखा जायेगा
181 हेल्प नंबर की खासियत यह होगी कि शिकायत दर्ज कराने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। जिले में महिला सेल स्थापित करने पर विचार चल रहा है। भ्रूण हत्या, दहेज उत्पीड़न आदि मामलों में तत्काल कार्रवाई होगी। इसके अलावा अनाचार, अपहरण आदि मामलों में पुलिस तुरंत संज्ञान लेगी। अभी तक देखने में आया है कि थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सालों तक मामले का निराकरण नहीं हो पाता। हेल्पलाइन नंबर स्थापित होने के बाद महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।

