Raipur संस्कृति विभाग में 7 पदों पर भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत, होगी जांच
Raipur News: छत्तीसगढ़ी लोक सेवा आयोग द्वारा संस्कृति विभाग में पांच अलग-अलग विषय के विशेषज्ञता वाले पुरातत्व अधिकारी, पुरालेखवेत्ता, मुद्रा शास्त्र, पुरातत्वेत्ता व संग्रहाध्यक्ष के 7 पदों के लिए आवेदन मंगाए गए थे।
Raipur News रायपुर। छत्तीसगढ़ी लोक सेवा आयोग द्वारा संस्कृति विभाग में पांच अलग-अलग विषय के विशेषज्ञता वाले पुरातत्व अधिकारी, पुरालेखवेत्ता, मुद्रा शास्त्र, पुरातत्वेत्ता व संग्रहाध्यक्ष के 7 पदों के लिए आवेदन मंगाए गए थे। इसमें गंभीर विसंगति हुई है। भर्ती के लिए विज्ञापन पिछली सरकार के समय जारी हुए थे।
छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ततसंबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भेंटकर उपरोक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाते हुए, नियुक्ति आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। संघ ने आरोप लगाया है कि संस्कृति विभाग के ही अधिकारियों ने अपने ही रिश्तेदारों व करीबियों को चयनित करवा लिया है। मुख्यमंत्री साय ने इस संदर्भ में पूरे मामले में जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
आरोप लगाया गया है कि पांच अलग-अलग विशेषज्ञता, जिनकी कार्य शैली भी अलग-अलग है, ऐसे पांच पदों के लिए वांछनीय योग्यता व कार्यानुभव का विज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख नही किया गया है। सभी पदों के लिए एक ही अनुभव मांगा गया है, जो कतई तर्कसंगत नही है। अनिवार्य रूप से तीन वर्ष का कार्यानुभव होने की बात कही गई है, लेकिन यह स्पष्ट नही किया गया कि संग्रहालय और पुरातत्व क्षेत्र में कितने- कितने वर्ष का अनुभव होना चाहिए। बताया जा रहा है कि ऐसे संदेहस्पद विज्ञापन में राज्य के अभ्यर्थियों को कार्य काफी दुविधा का सामना करना पड़ा है। इसके चलते दर्जनों योग्य उम्मीदवार आवेदन भरने से वंचित हो गए है, जो उनके भविष्य से खिलवाड़ है।
इतना ही नहीं प्रस्तुत पद के लिए आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किसी विषय विशेषज्ञ से न कराकर प्रमाण पत्र देने वाले विभागीय अधिकारियों से करवाया गया। इसके चलते कई योग्य उम्मीदवारों को आयोग घोषित कर दिया गया। जबकि कुछ अयोग्य लोग को योग्य बता साक्षात्कार हेतु चयनित किया गया। हद तो तब हो गई जब दस्तावेज परीक्षण अधिकारियों द्वारा अपने ही संगे-संबंधियों, करीबियों का दस्तावेजों का स्वयं परीक्षण किया गया और उन्हें पात्र घोषित कर दिया गया।
प्रतिनिधि मंडल ने उक्त भर्ती प्रक्रिया में विसंगतियों को देखते हुए साक्षात्कार बाद नियुक्ति आदेश में तत्काल रोक लगाकर न्यायपूर्ण, निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की गई है। संस्कृति विभाग में द्वितीय श्रेणी के अधिकारी पदों के लिए पीएससी के माध्यम से परीक्षा कराई जाए। संघ ने स्पष्ट किया है कि उपरोक्त मामला उच्च- न्यायालय में लंबित है। संघ ने सीएम साय से बिंदुवार जांच कराने की मांग की है।

