Mahadev Satta App: संदीप की खुदकुशी के पीछे सट्टेबाजों का बड़ा नेटवर्क, आरोपी फरार
Mahadev Satta App: शंकर नगर सिविल लाइंस इलाके के रहने वाले युवा कारोबारी संदीप बग्गा ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया था।
Mahadev Satta App रायपुर। शहर के युवा करोबारी संदीप बग्गा की खुदकुशी एवं उसके पास से मिले कथित सुसाइड नोट में जिन आरोपियों का नाम लिखा गया है वे शहर से फरार हो चुके हैं।
गौरतलब हो कि 3 दिन पूर्व शंकर नगर सिविल लाइंस इलाके के रहने वाले युवा कारोबारी संदीप बग्गा ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया था। पुलिस जब तक संदीप का बयान लेने अस्पताल पहुंचती उसके पूर्व उसने दम तोड़ दिया था। मृतक संदीप बग्गा ने एक सुसाइड नोट (पत्र) छोड़ा था। जिसमें उसके हस्ताक्षर है पुलिस पत्र की सत्यता का पता लगाने हेंड राइटिंग विशेषज्ञों से मदद ले रही है।
बग्गा ने पत्र में आरोप लगाया है कि उससे 10 लाख रुपए महादेव एप सट्टा के नाम पर नितेश मित्तल, गुप्ता और साथियों ने लिया था। तब उसे (संदीप) कहा गया था कि 13 से 15 लाख जल्द मिलेगा। पर मूल रकम तक नही दी गई। उल्टा उसे धमकी दी जाने लगी। उसके मोबाइल पर लगातार धमकियां अलग-अलग मोबाइलों से दी जाती रही है। गुंडे घर पर भेजे जाते रहे हैं। जान से मारने की धमकी से वह परेशान होकर डर गया था। इसलिए खुदकुशी कर रहा हूँ जिसके जिम्मेदार नितेश मित्तल, गुप्ता हैं।
बहरहाल सिविल लाइन पुलिस ने घटना के बाद रविवार को अपराध दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। इस बीच कथित सुसाइड पत्र में जिस आरोपी एवं उसके साथियों का नाम आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार वे लोग (आरोपी) शहर से फरार हो गए हैं। पुलिस मृतक संदीप बग्गा के मोबाइल पर जिन नंबरों से कॉल आते रहे थे उनकी जांच कर रही है। उधर चर्चा है कि मामले में महादेव एप सट्टा से जुड़े सट्टेबाजों का बड़ा नेटवर्क है। जबकि संदीप बग्गा को कई दिनों से धमकाया जा रहा था। वह (संदीप बग्गा) इतना ज्यादा डराया गया था था कि वह पुलिस के पास शिकायत नहीं कर पा रहा था।
(लेखक डा. विजय)

