ECI : चुनाव आयुक्त ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति मुर्मू ने किया मंज़ूर
ECI : लोकसभा चुनाव के पहले चुनाव आयुक्त अरुण गोयल ने इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा मंजूर भी कर लिया है।
ECI : नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव 2024 से पहले एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां चुनाव आयुक्त अरुण गोयल के अपने पद से इस्तीफा देने की खबर आई है। जिसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा मंज़ूर भी कर लिया है। हालाँकि इस्तीफा देने की वजह अभी सामने नहीं आई है। लेकिन उनके इस्तीफा देने से तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में अब दो पद रिक्त हो गए हैं। अब सारी जिम्मेदारी मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के कंधों पर आ गई है। बता दें कि 1985 बैच के पंजाब कैडर के IAS अधिकारी रहे अरुण गोयल ने 18 नवंबर, 2022 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। उसके अगले दिन ही उन्हें चुनाव आयुक्त नियुक्त कर दिया गया था। उनका कार्यकाल दिसंबर, 2027 तक था। वह अगले साल मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के सेवानिवृत्त होने के बाद उनकी जगह लेने वाले थे।
2027 तक था कार्यकाल, CEC की लेते जगह
1985 बैच के पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी रहे अरुण गोयल ने 18 नवंबर, 2022 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। उसके अगले दिन ही उन्हें चुनाव आयुक्त नियुक्त कर दिया गया था। उनका कार्यकाल दिसंबर, 2027 तक था। वह अगले साल मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के सेवानिवृत्त होने के बाद उनकी जगह लेने वाले थे।
लोकसभा चुनाव की घोषणा में नहीं है कोई अड़चन
इस बीच सवाल उठता हैं कि क्या अरुण गोयल के इस्तीफे से लोकसभा चुनाव की घोषणा में कोई अड़चन आएगी? दरअसल, चुनाव आयुक्त पद से अचानक अरुण गोयल के हटने के बाद निर्वाचन आयोग में एकल मुख्य सदस्य सीईसी यानी मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार शेष हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार अकेले भी लोकसभा चुनाव की घोषणा करने में सक्षम हैं। कोई कानूनी या संवैधानिक अड़चन नहीं है। संविधान का अनुच्छेद 324 चुनाव आयोग के एकल सदस्य के प्रदर्शन यानी कार्य करने की अनुमति देता है. इसमें कहा गया है कि चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त, यदि कोई हों, जितनी संख्या राष्ट्रपति समय-समय पर तय कर सकते हैं, जो आयोग में शामिल होंगे।

