Thu. Feb 19th, 2026

DGCA ने Air India पर लगाया 1.10 करोड़ रुपये का जुर्माना, जानिये क्या है वजह

Air India fined 1 cr 10 Lakh: एयर इंडिया ने सुरक्षा उल्लंघन किया है। इस सुरक्षा उल्लंघन के लिए एयर इंडिया पर ₹1.10 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया गया है। हालांकिनागरिक उड्डयन महानिदेशालय की ओर से इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई है।

Air India के एक पूर्व पायलट ने पिछले साल 29 अक्टूबर को नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए को इस अभ्यास के बारे में शिकायत की थी। पायलट ने B777 कमांडर के रूप में काम किया था। डीजीसीए ने कहा कि उनकी जांच में एयरलाइन द्वारा गैर-अनुपालन का पता चला है। आगे कहा कि जांच में प्रथम दृष्टया एयरलाइन द्वारा गैर-अनुपालन का पता चला था। इसी के चलते एयर इंडिया लिमिटेड के जवाबदेह प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

डीजीसीए की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कारण बताओ नोटिस के जवाब की प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के तहत निर्धारित शर्तों और मूल उपकरण निर्माता (OEM) द्वारा निर्धारित महत्वपूर्ण दस्तावेजों में निर्धारित प्रदर्शन सीमाओं के संबंध में विधिवत जांच की गई थी। उड़ान में अनियमितता की कई घटनाओं के बीच सुरक्षा उल्लंघन के लिए एयर इंडिया पर ₹1.10 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया गया है। डीजीसीए ने कहा कि सुरक्षा उल्लंघन कुछ लंबी दूरी के महत्वपूर्ण मार्गों पर हुए।

इंडिगो पर भी लगाया था ₹1.20 करोड़ का जुर्माना
बता दें कि हाल ही में, DGCA ने इंडिगो पर ₹1.20 करोड़ का जुर्माना लगाया गया था। दरअसल, उसकी एक उड़ान के यात्री सड़क पर विमान के पास पार्किंग में आकर खाना खाने लगे थे। नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। साथ ही कहा था कि यह स्वीकार्य नहीं किया जाएगा है।

क्या बोले ज्योतिरादित्य सिंधिया
कोहरे के कारण कुछ हवाईअड्डों पर अफरा-तफरी मची है। जिससे कई उड़ानें या तो विलंबित हुईं या रद्द कर दी गईं। इस पर सिंधिया ने कहा कि प्रकृति की अनियमितताएं हैं। दुर्भाग्य से, इन पर हमारा नियंत्रण नहीं है। प्रकृति की ये अनियमितताएं दुनिया भर में होती हैं। दिल्ली में बहुत कोहरा है। जैसा कि आप सभी जानते हैं किसी भी नागरिक उड्डयन पारिस्थितिकी तंत्र में कुछ बेस स्टेशन होते हैं। जब मौसम या किसी अन्य घटना के कारण बेस स्टेशन प्रभावित होता है, तो यह पूरे सिस्टम में दुर्भाग्यपूर्ण देरी और रद्दीकरण का एक चक्र पैदा करता है। इसी के चलते हमें यह निर्णय लेने होते हैं।

About The Author