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UP Winter Session: शीतकालीन सत्र की अखिलेश यादव ने की आलोचना, बोले – यह खोखला बजट है

UP Winter Session: अखिलेश यादव ने कहा कि यह सरकार जनता के सवाल उठाने पर रोक लगाना चाहती है। विपक्ष के सवालों से बचना चाहती है।

UP Winter Session: यूपी विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में सत्तापक्ष और विरोधी दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप तेज होता नजर आ रहा है। विधानसभा में डेंगू के मुद्दे पर सपा और भाजपा विधायकों के बीच तीखी बहस हुई। तो वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विरोधी दल अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार में सिर्फ चार दिन के सत्र और विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करने की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह सरकार जनता के सवाल उठाने पर रोक लगाना चाहती है। विपक्ष के सवालों से बचना चाहती है।

उन्होंने कहा कि जब सरकार पिछले बजट की धनराशि ही खर्च नहीं कर पा रही है तो फिर अनुपूरक बजट लाने की क्या जरूरत थी? यह खोखला बजट है। अखिलेश यादव विधान भवन में पत्रकारों के साथ वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह अजीब बात है कि समाजवादी पार्टी सन् 2017 से सरकार से बाहर है। जवाब इनको देना चाहिए पर आज भी यह सवाल समाजवादी पार्टी से कर रहे है।

अखिलेश यादव ने कहा पूरे उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था खराब है चाहे वह जिला अस्पताल हो या पीएसी या सीएससी हो या फिर मेडिकल कॉलेज हो। सरकार जानबूझकर कर सरकारी अस्पतालों को खत्म कर रही है ताकि प्राइवेट नर्सिंग होम को बढ़ावा मिले। प्राइवेट नर्सिंग होम और प्राइवेट लोगों से सरकार मिली हुई है। सूचनाएं मिल रही है कि सरकार सीधे-सीधे प्राइवेट लोगों की मदद करना चाहती है। सरकार प्राइवेट अस्पतालों को बढ़ावा देना चाहती है।

अखिलेश यादव ने कहा कि अस्पतालों में दवाइयों की कमी है। भाजपा के एक पूर्व सांसद अपने पौत्र को पीजीआई में इलाज के लिए लाये थे। पीजीआई में उसको इलाज नहीं मिला। वह उसको नहीं बचा पाए. यह एक उदाहरण नहीं है। राजभवन के पास भी एक महिला का प्रसव हुआ था। उन्होंने कहा आप राजधानी लखनऊ में कहीं चले जाइए इमरजेंसी में आपको एडमिशन नहीं मिलेगा। बुलाने पर एम्बुलेंस नहीं मिलेगी। अस्पतालों में बेड नहीं मिलेगा।

सपा प्रमुख ने कहा कि दलालों के माध्यम से प्राइवेट अस्पतालों में इलाज हो रहा है जहां गरीब जनता को लूटा जा रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के पास विकास के नाम पर कुछ भी नहीं है। लोकतंत्र में हम सब लोग जनता के लिए जवाबदेही हैं। ऐसे में भाजपा के पास जवाब नहीं होता है। तब वह निजी टिप्पणी पर आ जाते हैं। ये लोग लोकतंत्र को कमजोर करना चाहते है ताकि जनता की जवाबदेही से बचा जा सके।

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