Ganesh Visarjan 2023 : एक नदी दो तट नजारे दो, इधर कुंड-उधर नदी में धड़ल्ले से प्रतिमा विसर्जन … !
Ganesh Visarjan 2023 :
Ganesh Visarjan 2023 : खारुन नदी का एक तट रायपुर- दूसरा तट दुर्ग जिले अंतर्गत, (कुंड दोनों और बनाना था, प्रशासन को)
Ganesh Visarjan 2023 : रायपुर। महादेव घाट के पास गणेश प्रतिमाओ के Ganesh Visarjan विसर्जन के लिए कुण्ड निर्मित है, निगम कर्मी एवं जिला प्रशासन अधिकारी स्थल पर मौजूद हैं। ताकि कोई समिति खारुन नदी में प्रतिमा विसर्जित न कर सके। बावजूद अमलेश्वर की ओर वाले खारुन के तट पर धड़ल्ले व दिलेरी से विसर्जन हो रहा है।

रायपुर नगर निगम एवं जिला प्रशासन ने प्रतिमा के लिए कुंड बनवाया है
यहां यह देखना रोचक है। कि एक तट रायपुर जिला में तो दूसरा तट दुर्ग जिले में है। खारुन नदी दोनों जिलों को बांटती है। देश-प्रदेश में आमतौर पर ज्यादातर जिले- राज्य इसी तरह बंटे हुए हैं। खैर ! रायपुर नगर निगम एवं जिला प्रशासन ने कुछ वर्ष पूर्व महादेव घाट से लगे एक हिस्से में विसर्जन कुंड बनाया है। जहां निगम, जिला-प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से विसर्जन कार्य करवाता है। पर पुल या नदी पार करते ही जिले की सीमा खत्म होती है। तो वही दुर्ग जिले की सीमा चालू होती है। स्वाभाविक है कि दूसरा तट दुर्ग जिले का होगा।

दुर्ग जिले के निवासी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन सीधे नदी में
उक्त स्थिति का लाभ अमलेश्वर साइड़ के लोग, उससे लगे दर्जन भर गांव के लोग, यात्री, दुर्ग जिले के निवासी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए अपने आधिकारिक नदी तट (खारुन ) पहुंचते हैं। वे नदी पार कर या पुल पार कर रायपुर जिला स्थित विसर्जन कुण्ड पहुंचने की जहमत (तकलीफ) नहीं उठाना चाहते। पर दरअसल वे प्राकृतिक ढंग से यानी सीधे नदी में विसर्जन करने का पुण्य लाभ खोना नहीं चाहते। यही वजह है कि अपने साइड (तट)पर विसर्जन करते हैं। यह दीगर बात है कि नदी को प्रदूषण से बचाने विसर्जन कुंड बनाया गया है। पर एक ही नदी के दोनों तटों पर अलग-अलग तरीके से प्रतिमा विसर्जन हो रहा है। 3 दिनों से अमलेश्वर साइड़ से लोग आकर तट पर विसर्जन कर रहे हैं। नाव का उपयोग भी कर रहे हैं।

प्रशासन को चाहिए था कि तट के दोनों ओर कुंड बनवाएं
यहां यह बता देना उचित होगा कि अमलेश्वर (दुर्ग जिले) की साइड वालों को ऐसा न करने रायपुर नगर निगम एवं रायपुर जिला प्रशासन ने कहा। परन्तु उन पर दबाव नहीं बना सकते। हां दुर्ग निगम एवं दुर्ग जिला प्रशासन को मौजूद रहना चाहिए पर वह कहां-कहां रहेगा। खारुन नदी का तट कई किलोमीटर लंबा है। हालांकि दुर्ग-जिला प्रशासन एवं दुर्ग निगम से यह अपने साइड विसर्जन कुण्ड बनवाने की सलाह रायपुर जिला प्रशासन, रायपुर नगर निगम दे सकता है। वैसे शासन को चाहिए था कि दोनों ओर विसर्जन कुण्ड बनाता। यह एक तरह की चूक है। इस अंदेशे की सोच (आशंका) का जागरूक रायपुर प्रशासन को तो आनी चाहिए थी।
(लेखक डॉ विजय )

