Smart City Raipur : मोतीबाग में निर्माणाधीन प्रतिभागी परीक्षा अध्ययन केंद्र मकसद पूरा कर पाएगा …!
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Smart City Raipur : शोरगुल युक्त इलाके में प्रतिभागी ध्यान लगा पायेगे, स्मार्ट सिटी के कार्य पर सवालिया निशान !
Smart City Raipur : रायपुर शहर के मध्य मोतीबाग स्थित निगम जोन के दफ्तर के पीछे रायपुर स्मार्ट सिटी, Smart City Raipur प्रतिभागी परीक्षाओं के प्रतिभागियों के वास्ते करोडों रुपए की लागत से अध्ययन केंद्र, सेंट्रल लाइब्रेरी की तर्ज पर बनवा रहा है। भीड-भाड़ शोरगुल वाली जगह पर केंद्र अपना मकसद पूरा कर पाएगा इसे लेकर अभी से सुगबुगाहट शुरू हो गई है। तो वही स्मार्ट सिटी के निर्णय पर सवालिया निशान।

सेंट्रल लाइब्रेरी एजुकेशन हब बनाना
गौरतलब है कि सेंट्रल लाइब्रेरी का कॉन्सेप्ट तत्कालीन जिलाधीश अब भाजपा नेता ओम प्रकाश चौधरी ने रमन सरकार के समक्ष रखा था। जिसे सरकार ने मूर्तरूप दिया। सेंट्रल लाइब्रेरी एजुकेशन हब (परिक्षेत्र) में है। जहां संस्कृत, आयुर्वेद, साइंस कॉलेज समेत एनआईटी रविवि जैसे संस्थान है। यहां राजधानी समेत दुर्ग- भिलाई एवं अन्य नजदीकी हिस्सों से प्रतिभागी आकर तैयारी करते हैं। एजुकेशन हब होने से यहां शांत वातावरण है। भीड़-भाड़ तो है ही नहीं। सामने जीई रोड गुजरती है जहां कोई ठहरता नहीं। वह भी पर्याप्त दूरी पर।
स्मार्ट सिटी के कार्यों पर सावलिया निशान
अब आइए मोतीबाग में। जहां एक और शास्त्री बाजार(सब्जी ) जैसे थोक बाजार है। जो प्रदेश में सबसे बड़ा सब्जी बाजार माना जाता है। जहां हजारों लोग रोज सुबह ,शाम, दोपहर पहुंचते हैं। नीलामी की बोलियां लगती है। दूसरी ओर और छोटापारा, बैजनाथपारा का हिस्सा है। तीसरी और सुभाष स्टेडियम है। जहां मैच,स्पर्धा होती रहती है। चौथे ओर पुराना सुराना भवन है। जहां कार्यक्रम होते हैं। मोतीबाग में हजारों लोग सुबह- दोपहर, शाम घूमने -टहलने आते हैं। कई बार निगम पुस्तक मेला, क्राफ्ट मेला, छत्तीसगढ़ हाट आदि का आयोजन करता है। बंजारी चौक वाले बाबा के उर्स पर्व में हजारों लोग जुटते हैं। कव्वाली होती है। ऐसी स्थिति में अध्ययन केंद्र क्या बेअसर रह पाएगा। क्या प्रतिभागियों को वैसा माहौल मिल पाएगा जैसा सेंट्रल लाइब्रेरी में मिल रहा है। खुद स्मार्ट सिटी सोचे -विचारे। शिक्षाविदों से पूछे।
(लेखक डॉ. विजय)

