Fri. Oct 2nd, 2026

गांधी जयंती पर बिहार की जेलों से बाहर आएंगे 44 कैदी,सीएम सम्राट चौधरी ने जारी किया आदेश

पटना: आज 2 अक्टूबर है—गांधी जयंती, यानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्मदिन। इस मौके पर बिहार सरकार ने राज्य की अलग-अलग जेलों में बंद 44 कैदियों को आज, यानी शुक्रवार को रिहा करने का खास फैसला किया है। इससे पहले, महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर अलग-अलग जेलों से 43 कैदियों को रिहा किया गया था। आज, गांधी जयंती के मौके पर एक बार फिर कैदियों को रिहा किया जा रहा है।

कैदियों को किया जाएगा रिहा

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था और 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में नाथूराम गोडसे ने उनकी हत्या कर दी थी। इसके अलावा, 2 अक्टूबर को अपराध के पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक मदद दी जाएगी। लगभग 1,820 लाभार्थी परिवारों के बीच करीब ₹3.86 करोड़ बांटे जाएंगे। सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक, इस साल रिहा होने वाले कैदियों में बड़ी संख्या ऐसे बुजुर्गों की है जिन्होंने जेल में लंबी सजा काटी है।

90 वर्ष की उम्र के कैदी भी शामिल

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें से दो कैदी 90 साल से ज्यादा उम्र के हैं, आठ कैदी 80 साल से ज्यादा उम्र के हैं और 20 कैदी 70 से 80 साल की उम्र के बीच के हैं। इसके अलावा, एक गंभीर बीमारी से पीड़ित कैदी को मानवीय आधार पर रिहा किया जा रहा है। रिहा होने वालों में एक महिला कैदी भी शामिल है जिसने पूर्णिया जेल में लगभग 20 साल की सजा काटी है। रिहा होने वाले कैदियों की सूची में 93 साल के रामवृक्ष कोइरी भी शामिल हैं, जो अभी रोहतास जेल में बंद हैं।

44 कैदियों रिहा होंगे

इसके अलावा, मधेपुरा के योगेश्वर यादव, हरिवंश राम (84) और रामाशिश यादव (82) को भी रिहा किया जाएगा। रिहा होने वालों में सत्यनारायण सिंह और पंकज गुप्ता भी शामिल हैं; दोनों गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। इन सभी कैदियों ने लंबी जेल की सज़ा काटी है। इन कैदियों की रिहाई की सिफारिश राज्य कैदी रिहाई समिति ने की थी। राज्य सरकार ने मानवीय आधार,सामाजिक पुनर्वास और जनकल्याण को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। सरकार के अनुसार, इस रिहाई से बुजुर्ग और बीमार कैदियों को अपने परिवारों के बीच लौटने तथा समाज में पुनर्वास का अवसर मिलेगा।(एजेंसी)

About The Author