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नवा रायपुर का सफर होगा आसान, अगले 6 महीने में दौड़ेंगी 40 ई-बसें

मंत्रालय के कर्मचारियों और आम नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रायपुर से नवा रायपुर के बीच अगले छह महीनों में ई-बसों का संचालन प्रारंभ किय …और पढ़ें

 

रायपुर। मंत्रालय के कर्मचारियों और आम नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रायपुर से नवा रायपुर के बीच अगले छह महीनों में ई-बसों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा। यह परियोजना केंद्र सरकार के सहयोग से संभव हो रही है, जिससे नवा रायपुर में आवागमन सुगम होगा और वहां की बसाहट को बढ़ाने के सरकारी प्रयासों को भी बल मिलेगा।

कंपनी को 73.80 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से टेंडर दिया गया है। अनुबंध के अनुसार, वर्कआर्डर मिलने के छह महीनों के भीतर ई-बसें सड़कों पर दिखाई देने लगेंगी। यह अनुबंध 10 वर्षों की अवधि के लिए किया गया है, जिससे परिवहन व्यवस्था में स्थिरता बनी रहेगी।

डिपो का निर्माण कार्य प्रारंभ

ई-बसों के सुचारू संचालन के लिए बुनियादी ढांचे पर भी काम शुरू हो चुका है। एनआरडीए ने चीचा क्षेत्र में एक अत्याधुनिक डिपो का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है। इस डिपो में बसों की पार्किंग और रखरखाव के लिए विशेष वर्कशाप के साथ ही बसों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग पाइंट भी स्थापित किए जाएंगे। बसों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा, ताकि लाइव मानिटरिंग की जा सके।

सीसीटीवी कैमरों और जीपीएस से होगी लैस

नई ई-बसें न केवल पर्यावरण के अनुकूल होंगी, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी उन्नत होंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए इनमें कई विशेष फीचर्स जोड़े गए हैं। प्रत्येक बस सीसीटीवी कैमरों और जीपीएस से लैस होगी। यात्रियों को अगले स्टॉप और रूट की जानकारी डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर मिलेगी।

रायपुर से नवा रायपुर का अधिकतम किराया 45 रुपये

रायपुर से नवा रायपुर का अधिकतम किराया 45 रुपये रखा जा सकता है। एनआरडीए के अधिकारियों के अनुसार, डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे ईंधन की लागत कम होगी और रायपुर तथा नवा रायपुर के शांत वातावरण में प्रदूषण का स्तर भी घट जाएगा।

अधिकारियों का क्या कहना है

चंदन कुमार, सीईओ, एनआरडीए का कहना है कि ई-बसों के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हमारा लक्ष्य अगले छह महीने में ई-बसों का संचालन शुरू करना है। इससे यात्रियों को एक आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण मित्र परिवहन का विकल्प मिलेगा।

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