बस्तर में माओवादियों के डंप से ₹3.21 करोड़ नगद और सोना बरामद, AK-47 समेत 101 हथियारों का जखीरा जब्त
बस्तर रेंज में माओवादियों के गुप्त ठिकानों से सुरक्षा बलों ने 3.21 करोड़ रुपये नगद और एक किलो सोना बरामद किया है। इसके साथ ही 101 आधुनिक हथियार मिले हैं, जिनमें एके-47, इंसास और बीजीएल जैसे घातक हथियार शामिल हैं।
बस्तर। बस्तर रेंज में माओवादियों के गुप्त ठिकानों (डंप) से सुरक्षा बलों ने पहली बार 3.21 करोड़ रुपये नगद और एक किलो सोना बरामद किया है। इसके साथ ही 101 आधुनिक हथियार भी मिले हैं, जिनमें एके-47, इंसास और बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) जैसे घातक हथियार शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह माओवादी विरोधी अभियानों के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी ‘डंप बरामदगी’ है। यह सफलता समर्पण करने वाले कैडरों से मिली सटीक सूचनाओं के बाद हासिल हुई है।
‘पूना मारगेम’ पहल: 108 माओवादी लौटेंगे मुख्यधारा में
बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर के शौर्य भवन में बुधवार दोपहर दो बजे एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। ‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल के तहत दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) से जुड़े 108 माओवादी कैडर सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण करेंगे। इस दौरान समाज के वरिष्ठ नागरिक और सुरक्षा बलों के आला अधिकारी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में जंगलों से बरामद हथियारों और विस्फोटकों के जखीरे को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
दो वर्षों में 2700 से अधिक माओवादियों का आत्मसमर्पण
बस्तर में माओवादी संगठन की पकड़ लगातार ढीली पड़ती जा रही है। पुलिस आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में 2700 से अधिक माओवादी कैडर हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। शासन की पुनर्वास नीति के तहत इन समर्पित सदस्यों को आर्थिक सहायता, आवास और रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों का मानना है कि ‘पूना मारगेम’ जैसी पहलों से संगठन का नेटवर्क पूरी तरह कमजोर हो गया है।
पिछले एक वर्ष में हुए प्रमुख बड़े आत्मसमर्पण (टाइमलाइन)
- 17 अक्टूबर 2025: केंद्रीय समिति सदस्य सतीश उर्फ रूपेश समेत 210 कैडरों का समर्पण (छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा समर्पण)।
- 7 मार्च 2026: तेलंगाना में मुख्यमंत्री के सामने 130 माओवादियों ने हथियार डाले।
- 3 अक्टूबर 2025: बीजापुर में 103 माओवादी कैडर मुख्यधारा में लौटे।
- 24 सितंबर 2025: दंतेवाड़ा में 71 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण।
- 31 मार्च 2025: बीजापुर में 50 इनामी माओवादियों ने छोड़ी हिंसा।
- 26 नवंबर 2025: सुकमा और नारायणपुर में 43 कैडरों ने किया समर्पण।

